
कजरारी सी काली रातें
प्यार भरी कुछ मीठी बातें
कुछ तुम कहना, कुछ मै बोलू
रात सुनहरी हो जाएगी
होठों की नरमी को छूकर
जुगनू सी आँखों में खोकर
बाँहों में मुझको भर लेना
रात फिसल कर खो जाएगी
हाथों में जब हाथ थामना
जीवनभर का साथ थामना
रात भले कितनी काली हो
नर्म चांदनी बो जाएगी